आवारगी

परिंदों का उड़ना
महज अपने आकाश को पाना नहीं होता
वो फड़फड़ाते है पंख
लगाते हैं गोल-गोल चक्कर
कि कभी-कभी
बिलावजह की आवारगी भी
जरुरी है यारा
----स्वयंबरा

Comments

Digamber Naswa said…
बहुत खूब ...
सच में जरूरी है ... ये अपने लिए समय निकालना भी तो है ...

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